तहसील नहीं, सिस्टम की परीक्षा
डीएम के औचक निरीक्षण में मीरगंज तहसील की कार्यप्रणाली संतोषजनक पाई गई, पुराने मामलों के निस्तारण और व्यवस्थाओं की सराहना।
➡️ डीएम अविनाश सिंह का मीरगंज तहसील में औचक निरीक्षण
➡️ न्यायालय, अभिलेखागार और पटलों की बारीकी से जांच
➡️ 5 साल से पुराने मामलों के निस्तारण में अच्छी प्रगति
करण पाल सिंह । जन माध्यम
मीरगंज,बरेली। सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली अक्सर काग़ज़ों तक सिमट जाती है, लेकिन बुधवार को तहसील मीरगंज में तस्वीर कुछ अलग दिखी। डीएम अविनाश सिंह जब निरीक्षण के लिए पहुंचे तो फाइलें खुलीं, रजिस्टर खंगाले गए और न्यायिक कामकाज से लेकर साफ सफाई तक हर व्यवस्था की कसौटी परखीं गई।
निरीक्षण में तहसील की कार्यप्रणाली चुस्त दुरुस्त पाई गई, जिस पर डीएम ने कहा सब ठीक है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अभिलेखागार, तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय और विभिन्न पटलों का बारीकी से अवलोकन किया। धारा 24, 34, 35, 38 और 80 के अंतर्गत दर्ज मामलों की पेंडेंसी की समीक्षा की गई। आंकड़ों ने तस्वीर साफ कर दी पांच साल से अधिक पुराने मामलों के निस्तारण में तहसील मीरगंज ने अच्छी प्रगति की है और केवल दो वाद ही लंबित पाए गए। इसे प्रशासनिक दक्षता का सकारात्मक संकेत माना गया। अभिलेखागार में पत्रावलियां सुव्यवस्थित देख डीएम ने संतोष जताया और उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि तहसील का नक्शा अभिलेखागार में प्रदर्शित किया जाए, ताकि अभिलेख प्रबंधन और अधिक सुदृढ़ हो सके। तहसील परिसर की साफ सफाई और कार्यालयीन व्यवस्थाओं ने भी बेहतर छवि पेश की। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आय, जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र समयबद्ध ढंग से जारी किए जाएं। साथ ही सुबह 10 से 12 बजे तक नियमित जनता दर्शन कर आमजन की समस्याएं सुनी जाएं और उनका गंभीरता से निस्तारण किया जाए।
भूमाफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए डीएम ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि अवैध गतिविधियों और लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी मीरगंज आलोक कुमार, तहसीलदार मीरगंज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।