तौकीर रजा की हिरासत चौदह दिन बढ़ी
इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा की हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी गई है। फतेहगढ़ जेल में बंद रजा की अगली पेशी 25 नवम्बर को होगी। उपद्रव प्रकरण में उनकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है और चार्जशीट की तैयारी अंतिम चरण में है।
➡️ मौलाना तौकीर रजा की हिरासत 14 दिन और बढ़ी
➡️ फतेहगढ़ जेल में बंद, अगली पेशी 25 नवम्बर को
➡️ 26 सितम्बर उपद्रव मामले में मुख्य अभियुक्त
➡️ जमानत याचिका अदालत ने की खारिज
➡️ चार्जशीट तैयारी अंतिम चरण में
➡️ सौ से अधिक आरोपी अब तक जेल भेजे जा चुके
फतेहगढ़ जेल में बंद, अब पच्चीस नवम्बर को होगी पेशी
जन माध्यम
बरेली। 26 सितम्बर के महीने में हुए उपद्रव प्रकरण के मुख्य अभियुक्त और इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा की न्यायिक हिरासत चौदह दिन के लिए और बढ़ा दी गई है। सोमवार को न्यायालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उनकी पेशी कराई गई, जिसमें अदालत ने अगली सुनवाई की अगली तारीख पच्चीस नवम्बर निर्धारित की है। मौलाना तौकीर रजा को छब्बीस सितम्बर की देर रात को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्हें पहले बरेली की जिला कारागार में भेजा गया, किंतु सुरक्षा कारणों से उसी दिन फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार स्थानांतरित कर दिया गया। वे वर्तमान में वहीं की जेल में बंद हैं। रजा ने अपनी जमानत के लिए न्यायालय में आवेदन दिया था, परन्तु अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
छब्बीस सितम्बर को ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद शहर के कुछ भागों में तनाव और उपद्रव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। उस दिन नवरात्र तथा दो उर्स एक साथ होने के कारण प्रशासन ने धारा एक सौ तिरसठ लागू कर दी थी और किसी भी सार्वजनिक सभा या जुलूस की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद जुमा की नमाज़ के बाद इस्लामिया मैदान में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और कुछ स्थानों पर नारेबाजी तथा पथराव की घटनाएँ हुईं। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। कई स्थानों पर, जैसे खलिल तिराहा, नौमहला मस्जिद क्षेत्र, कोतवाली, पुलिस अधीक्षक नगर कार्यालय तथा नॉवेल्टी चौराहे पर तनाव फैल गया। इसके पश्चात प्रशासन ने मौलाना तौकीर रजा को उपद्रव का मुख्य आरोपी बताया और उनके विरुद्ध दस मुकदमे पंजीकृत किए गए जिनमें दंगा भड़काने, भड़काऊ भाषण देने तथा प्रशासन को धमकाने जैसी गंभीर धाराएँ शामिल हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार्जशीट की तैयारी अंतिम चरण में है। फतेहगढ़ कारागार में तैनात अधिकारियों ने तौकीर रजा से जुड़े मामलों में पूछताछ की है। विवेचना अधिकारी लगातार जेल जाकर उनके बयान दर्ज कर रहे हैं।
इस मामले में तौकीर रजा के साथ उनके अनेक करीबी सहयोगी और संगठन के पदाधिकारी भी जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें राष्ट्रीय महासचिव डॉक्टर नफीस, पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम, मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीशी, अनीस सकलैनी तथा साजिद शामिल हैं। अब तक लगभग एक सौ से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। प्रशासन के अनुसार,जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से की जा रही है। सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौलाना तौकीर रजा की न्यायिक हिरासत बढ़ने से यह स्पष्ट होता है कि जांच एजेंसियाँ प्रकरण को साक्ष्य सहित न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी में हैं। अब उनकी अगली सुनवाई पच्चीस नवम्बर को होने वाली है।