सबसे बड़ा जंक्शन फिर भी ठहराव नहीं
मथुरा जंक्शन सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन होने के बावजूद सभी ट्रेनें नहीं रुकने पर सवाल, जनप्रतिनिधियों से उठी मांग।
मथुरा जंक्शन को बताया गया सबसे बड़ा जंक्शन
सात रूट और कई प्लेटफॉर्म के बावजूद समस्या
सभी ट्रेनें नहीं रुकने पर उठे सवाल
सांसद से सुधार की मांग
जन माध्यम
मथुरा। देश के सबसे बड़े जंक्शनों में गिने जाने वाले स्टेशन पर जब ट्रेनें बिना रुके गुजर जाती हैं, तो सवाल उठना लाजिमी हो जाता है। मथुरा जंक्शन को लेकर भी कुछ ऐसे ही सवाल अब तेज होने लगे हैं।

श्याम बिहारी भार्गव
मीडिया काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रदेश प्रभारी और निर्भय सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्याम बिहारी भार्गव ने मथुरा जंक्शन की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मथुरा जंक्शन को भारत का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन माना जाता है, जहां से सात अलग-अलग रेल मार्ग निकलते हैं और देश के लगभग हर कोने के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि मथुरा जंक्शन पर 10+3 प्लेटफॉर्म हैं और यह आगरा मंडल के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि इतने बड़े और महत्वपूर्ण जंक्शन पर सभी ट्रेनें क्यों नहीं रुकतीं।
मथुरा जिले में तीन प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें मथुरा जंक्शन, मथुरा छावनी और भूतेश्वर शामिल हैं। मथुरा छावनी स्टेशन जंक्शन से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां से हाथरस, कासगंज और अन्य शहरों के लिए रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। वहीं भूतेश्वर स्टेशन भी अपनी अहम भूमिका निभाता है।
इतनी सुविधाओं और संरचना के बावजूद मथुरा को उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और संगठनों का मानना है कि यदि सभी प्रमुख ट्रेनें यहां ठहरने लगें, तो यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है और क्षेत्र का विकास भी तेज हो सकता है।
श्याम बिहारी भार्गव ने मथुरा की सांसद हेमा मालिनी से इस मुद्दे पर ध्यान देने और रेलवे प्रशासन से वार्ता कर समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मथुरा जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक शहर के साथ इस प्रकार की अनदेखी उचित नहीं है और इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।